Monday, 23 March 2015

गुरु भजन


गुरु भज मन तो चैन मिलेगा ;
परम शांति का फूल  खिलेगा ॥ 
 
यह जग माया मोह का फन्दा ;
उलझ पुलझ कर मर जाएगा ॥ 
 
सच्ची दौलत नाम है गुरु का ;
गुरु बिन कुछ पा ना  सकेगा  ॥ 
 
जन्म -जन्म से रहा भटकता ;
गुरु नैया को   घाट लगायेगा  ॥ 
 
मंदिर -मंदिर है रहा भटकते ;
गुरु  धाम चारों धाम मिलेगा  ॥ 
 
"श्रीराम" गुरु "राम" हैं सबके ;
गुरु भज लो परमधाम मिलेगा ॥ 
                      --------श्रीराम रॉय

2 comments:

  1. प्राथना के सुन्दर शब्द ... गुरु की महत्ता की लिखते छंद ...
    लाजवाब ...

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    1. धन्यवाद श्री दिगम्बर जी। जय गुरुदेव

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